तब क्यूँ हाथ बाँधकर बैठ जाएँ तकदीर लिख दे अपनी हथेली पर ! तब क्यूँ हाथ बाँधकर बैठ जाएँ तकदीर लिख दे अपनी हथेली पर !
तुम मुझे लगता था नई इन्सान अपने के बारे सोच कर सकते खुद को संभालो। तुम मुझे लगता था नई इन्सान अपने के बारे सोच कर सकते खुद को संभालो।
बस अब उठो खड़ी हो करते हुए सबका सम्मान खुद का भी सम्मान करो ! बस अब उठो खड़ी हो करते हुए सबका सम्मान खुद का भी सम्मान करो !
माचिस की पेटी सी संजो के रखता। मुस्कान दर्द सा मगर अपना सा लगता। माचिस की पेटी सी संजो के रखता। मुस्कान दर्द सा मगर अपना सा लगता।
अगर तुम इश्क़ करते हो तुम्हें नींदों से रिश्ता तोड़ना होगा बहुत सोते हो न अब रातो में जग अगर तुम इश्क़ करते हो तुम्हें नींदों से रिश्ता तोड़ना होगा बहुत सोते हो न अब रा...
अब की बार तुम निराश ना करना, जागते रहना दिन भर अवकाश न भरना। रात बनी सोने को दि अब की बार तुम निराश ना करना, जागते रहना दिन भर अवकाश न भरना। रात...